Sunday, March 20, 2011

होली मुबारक

झूमकर नाचकर गीत गाओ
सात रंगों से जीवन सजाओ

पर्व पावन है होली का आया
भाईचारे से इसको मनाओ

हर तरफ़ शबनमी नूर छलके
कहकशाँ को ज़मीं पर ले आओ

लाल, पीले, हरे, नीले चहरे
प्यार के रंग ऐसे मिलाओ

देवी चहरे हों रौशन सभी के
दीप आशाओं के यूँ जलाओ

देवी नागरानी

1 comment:

रश्मि प्रभा... said...

हर तरफ़ शबनमी नूर छलके
कहकशाँ को ज़मीं पर ले आओ
waah