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Tuesday, December 14, 2010

आई है ख़ुशियों की भोर

बाळ गीत

मस्त फ़िजाँ मेँ भीनी भोर
ख़ुशबू देती चारों ओर

बादल गरजे घनघन घन घन
छाई घटा कारी घन घोर

रिमझिम रिमझिम पानी बरसे
प्यासा मोर मचाए शोर

कळ कळ कळ कळ पानी बहता
प्यास बुझाए प्यासे ढोर

ऊँची उड़ान भरे मन ऐसे
जैसे पतँग की कोई डोर

मदमाती मस्ती है देवी
आई है ख़ुशियों की भोर
देवी नागरानी

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