बदनाम औरत
बालक की कोख से जन्मी नारी
एक माँ, एक बहन, बेटी, बीवी,
और एक दाई माँ भी...
हाँ, वही दाई माँ
जो थी तो औरत, पर
जच्चा की अनचाही मुराद के आगे
कुछ सिक्कों की खातिर
न जाने क्यों
बच्चे के गले पर अंगूठे का दबाव
बढ़ाते हुए
उसकी साँसों को घोंट देती है
हाय बेरहम,
नारी को कलंक लगाया
उस मासूम को मौत के घाट उतारा
जिसने खुली आँख से
दुनिया को नज़र भर देखा भी न था.
अब जाना, क्यों औरत बदनाम हुई है.
जब वह कैकेई बनी,
जब वह मंथरा बनी,
वही अब दाई बनकर आई है।
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