Wednesday, September 5, 2007

मेरा यश

2 comments:

Devi Nangrani said...

Are YasH tum yahan kaise aa gaye. maine kitna dhoondha tumhein.

Daadi

Dr. Ajit Kumar said...

जी हाँ देवी जी, ये अशोक चक्रधर जी हैं जिनके ब्लॉग मे एक पोस्टिंग के कमेंट के रूप मे मैंने इस कविता की रचना की थी. यदि आप उनका वो ब्लॉग पढे तो ज्यादा अच्छा लगेगा. ashokchakradhar.blogspot.com