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3/22/2026

अगर तुम समझते हो


अगर तुम समझते हो, कि

तुमने मुझे जंजीरों में जकड़ लिया है

तो गलत समझा है

मत समझो कि मैं

तुम्हारी चाल के चंगुल से            

खुद को आज़ाद कराने के रास्ते

अपने पीछे बंद कर आई हूँ.

यह तुम्हारी नादानी होगी!

इतनी नादां तो मैं नहीं, 

जो अपनी आज़ादी को

तुम्हारी रीति--रस्मों के खूंटे से बाँध आऊँ, और

उस ताले की चाबी तुम्हें सौंप 

गुलामी की ज़ंजीरें पहन लूँ!

वह चाबी तब भी मेरे पास थी

अब भी मेरे पास है,

अरसा हुआ इस्तेमाल करके

 

कुछ जंग ज़रूर लग गई उसे 

पर है तो वही चाबी,

यह भी जानती हूँ मैं

जो चाबी ताला बंद करती है

वही उसे खोलती भी है!

देवी नागरानी

 

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