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3/26/2026

अलविदा ऐ साथी

 

अलविदा ऐ साथी

फ़रेबी फ़ितरत के तुम वारिस 

 मैं शातिरता से हूँ नावाकिफ़ 

 खुद को लुटा कर अब सीखी हूँ 

और विश्वास के साथ कहती हूं

तुम अपनी दुनिया बसाओ

 मैं अपनी फना करूं

 अपना अंत लाकर उस वजूद के साथ

 समस्त कायनात का खात्मा करूं 

 अपने ही वारिस को अपनी कोख में

 दफ़ना कर, खुद को फ़ना करूं 

अभी तक विश्वास नहीं आता

कि मेरी कोख में

मेरे और तेरे बच्चे के भ्रूण में

मेरे और पराए खून की मिलावट है

हां तुमने कहा था, और मैंने सुना था

मेरे विश्वास पर यह

तुम्हारे विश्वासघात का वार था

सच कहती हूँ

वह तुम्हारा ही बच्चा है

तुम कहते होनहीं

 सच क्या है, तुम भी जानते हो और मैं भी

 पर अबमैं खुद मुख्तियार हूँ 

तुम्हारी याद की कोई भी निशानी

न अपने पास, और न इस धरती पर

छोड़ना चाहती हूँ 

अलविदा ऐ साथी 

मैं अपने आप को फ़ना कर के

इस समस्त कायनात का खात्मा करूंगी

मेरे भीतर धड़कते हुए उस वारिस का

वजूद मिटाकर, अपनी ही कोख में दफ़ना कर

साथ उसके फना हो जाऊंगी.

 देवी नागरानी

 

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