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3/22/2026

आई है ख़ुशियों की भोर

मस्त फ़िजाँ मेँ भीनी भोर

ख़ुशबू देती चारों ओर

 

बादल गरजे घनघन घन घन

छाई घटा कारी घन घोर

 

रिमझिम रिमझिम पानी बरसे

प्यासा मोर मचाए शोर

 

कळ कळ कळ कळ पानी बहता

प्यास बुझाए प्यासे ढोर

 

ऊँची उड़ान भरे मन ऐसे

जैसे पतँग की कोई डोर

 

मदमाती मस्ती है देवी

आई है ख़ुशियों की भोर


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