मस्त फ़िजाँ मेँ भीनी भोर
ख़ुशबू देती चारों
ओर
बादल गरजे घनघन घन
घन
छाई घटा कारी घन घोर
रिमझिम रिमझिम पानी
बरसे
प्यासा मोर मचाए शोर
कळ कळ कळ कळ पानी
बहता
प्यास बुझाए प्यासे
ढोर
ऊँची उड़ान भरे मन
ऐसे
जैसे पतँग की कोई
डोर
मदमाती मस्ती है देवी
आई है ख़ुशियों की
भोर
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