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11/16/2010

अमीरी में न गम होता

अगर सूरज सदा सोता
कहाँ रौशन जहाँ होता

खरीदी जाती गर खुशियाँ
अमीरी में न ग़म होता

अगर मिल जाता खाने को
न कोई भूख से रोता

किसी को होती चिँता क्यों
सुकूँ की नींद वो सोता

परेशानी, पशेमानी
वो है पाता जो है बोता

लगे चिँता चिता उसको
लगाए इसमें जो गोता

ये इन्साँ बैल है देवी
जिसे जीवन ने है जोता
देवी नागरानी

11/09/2010

भूखे को तुम रोटी दे दो

मोटी हो या दुबली दे दो
दादी माँ को पोती दे दो

पेट नसीहत से न भरेगा
भूखे को तुम रोटी दे दो

बिन पानी के प्यासे पौधे
उनको जल की लोटी दे दो

बाल नहीं हैं जिनके सर पर
उनको लंबी चोटी दे दो

फुटपाथों पर जो रोते हैं
उनको छोटी खोली दे दो

झूठ और सच को परखे ‘देवी’
ऐसी एक कसौटी दे दो
देवी नागरानी

3/07/2008

तितली उड़ी

तितली उड़ी, बस में चढ़ी
सीट नहीं मिली
ड्राइवर ने कहा
आजा मेरे पास
तितली बोली " हट बदमास"
मैं तो चली वापस आकाश.

प्रसुतकर्ताः
स्तुति शर्मा

सोनाली


प्यारी चाँद सी गुडिया आई
खुशियों
का संदेशा लाई

झोली
भर लो मम्मी पापा दादी
को भी मेरी बधाई.


ममता के आँगन में "सोनाली" का शुभ आगमन. जीवन की संपूर्णता, शीतलता, शबनमी दादी सरिता रानी जी और सोनाली के माता पिता को मुबारक हो.
देवी नागरानी

12/21/2007

ये नया साल देखो चला आ रहा

नया साल २००८ ये नया साल देखो चला आ रहा मुस्कराकर पुराना चला जा रहा. बीत कर जो गया वो हमारा था कळ आज खुशियाँ समेटे नया आ रहा. है खुशी का नजारा यहाँ हर तरफ खिलखिलाहट सभी को सुनाता रहा. घूँट खुशियों के पीता रहा हर कोई गीत खुशियों भरे दिल ये गाता रहा. है फिजाँ शोख उसमें है शामिल खुशी जाम से जाम है वक्त टकरा रहा. हो मुबारक खुशी, अळविदा ग़म तुम्हें दिल दुआओं को देवी है छलका रहा.

11/21/2007

My God is Great











My God is so Great

So strong and so mighty

There is nothing my God cannot do

For You

एक मुर्गा चश्मे दीदम


एक मुर्गा चश्मे दीदम
चलते चलते थक गया
लाओ चाकू काटो गर्दन
फिर भी वो चलने लगा

कलमकारःस्तुति शर्मा

श्री आर. पी शर्मा जी की पर पोती। दादर मंबई