Pages

5/12/2026

आई है ख़ुशियों की भोर

आई है ख़ुशियों की भोर मस्त फ़िजाँ मेँ भीनी भोर ख़ुशबू देती चारों ओर बादल गरजे घनघन घन घन छाई घटा कारी घन घोर रिमझिम रिमझिम पानी बरसे प्यासा मोर मचाए शोर कळ कळ कळ कळ पानी बहता प्यास बुझाए प्यासे ढोर ऊँची उड़ान भरे मन ऐसे जैसे पतँग की कोई डोर मदमाती मस्ती में है देवी आई है ख़ुशियों की भोर

No comments: