झूमकर नाचकर गीत गाओ
सात रंगों से जीवन सजाओ
पर्व पावन है होली का आया
भाईचारे से इसको मनाओ
हर तरफ़ शबनमी नूर छलके
कहकशाँ को ज़मीं पर ले आओ
लाल, पीले, हरे, नीले चहरे
प्यार के रंग ऐसे मिलाओ
देवी चहरे हों रौशन सभी के
दीप आशाओं के यूँ जलाओ
देवी नागरानी
जीवन के तट पर-मेरे मन की सइरा में सफ़र करते जब मेरे पाँव थक जाते हैं तब कलम का सहारा ले कर शबनमी सपने बुनने लगती हूँ. प्यास की आस बंध जाती है, सफर बाकी कुछ और.... सिर्फ थोड़ा और.....
3/20/2011
3/06/2011
मछली जल की रानी है
मछली जल की रानी है
जीवन उसका पानी है
हाथ लगाओ डर जायेगी
बाहर निकालो मर जायेगी
देवी नागरानी
जीवन उसका पानी है
हाथ लगाओ डर जायेगी
बाहर निकालो मर जायेगी
देवी नागरानी
एक कौआ प्यासा था
एक कौआ प्यासा था
जग में थोड़ा पानी था
कौआ डाला कँकर
पानी आया ऊपर
कौआ पिया पानी
ख़तम हो गई कहानी
देवी नागरानी
जग में थोड़ा पानी था
कौआ डाला कँकर
पानी आया ऊपर
कौआ पिया पानी
ख़तम हो गई कहानी
देवी नागरानी
ऐ री बंदरिया मेरी
ऐ री बंदरिया मेरी
पूंछ कहाँ है तेरी
ढूँढ उसे यूँ बाहर भीतर
नींद उड़ी है मेरी
देवी नागरानी
पूंछ कहाँ है तेरी
ढूँढ उसे यूँ बाहर भीतर
नींद उड़ी है मेरी
देवी नागरानी
2/18/2011
आओ राजा आओ रानी
आओ राजा आओ रानी
तुम्हें सुनाऊँ एक कहानी
एक था हाथी, एक थी हाथिन
दोनों निकले पीने पानी
हाथिन ने जब पी लिया जल
हाथी ने कुछ मन में ठानी
पानी भरकर सूड़ में अपनी
दोनों राह चले पहचानी
चलते चलते राह में देखा
पानी बिन इक चिड़िया प्यासी
पास में उसके जा हाथी ने
बरसाया सब सूड़ का पानी
ख़ुश हुए सब देखने वाले
ताली बजा बजाकर नाचे
"हाथी वन का बना है राजा
हाथिन उसकी हुई है रानी"
आओ राजा आओ रानी
तुम्हें सुनाऊँ एक कहानी
देवी नागरानी
2/17/2011
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