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3/20/2011

होली मुबारक

झूमकर नाचकर गीत गाओ
सात रंगों से जीवन सजाओ

पर्व पावन है होली का आया
भाईचारे से इसको मनाओ

हर तरफ़ शबनमी नूर छलके
कहकशाँ को ज़मीं पर ले आओ

लाल, पीले, हरे, नीले चहरे
प्यार के रंग ऐसे मिलाओ

देवी चहरे हों रौशन सभी के
दीप आशाओं के यूँ जलाओ

देवी नागरानी

3/06/2011

मछली जल की रानी है

मछली जल की रानी है
जीवन उसका पानी है
हाथ लगाओ डर जायेगी
बाहर निकालो मर जायेगी
देवी नागरानी

एक कौआ प्यासा था

एक कौआ प्यासा था
जग में थोड़ा पानी था
कौआ डाला कँकर
पानी आया ऊपर
कौआ पिया पानी
ख़तम हो गई कहानी
देवी नागरानी

ऐ री बंदरिया मेरी

ऐ री बंदरिया मेरी
पूंछ कहाँ है तेरी
ढूँढ उसे यूँ बाहर भीतर
नींद उड़ी है मेरी
देवी नागरानी

2/18/2011

आओ राजा आओ रानी




आओ राजा आओ रानी
तुम्हें सुनाऊँ एक कहानी
एक था हाथी, एक थी हाथिन
दोनों निकले पीने पानी

हाथिन ने जब पी लिया जल
हाथी ने कुछ मन में ठानी
पानी भरकर सूड़ में अपनी
दोनों राह चले पहचानी

चलते चलते राह में देखा
पानी बिन इक चिड़िया प्यासी
पास में उसके जा हाथी ने
बरसाया सब सूड़ का पानी

ख़ुश हुए सब देखने वाले
ताली बजा बजाकर नाचे
"हाथी वन का बना है राजा
हाथिन उसकी हुई है रानी"

आओ राजा आओ रानी
तुम्हें सुनाऊँ एक कहानी
देवी नागरानी

2/17/2011

तितली उड़ी


तितली उड़ी
अपने नन्हें भाई "सँभव शर्मा" को सुनाते हुए

तितली उड़ी, बस में चढ़ी
सीट नहीं मिली
ड्राइवर ने कहा
आजा मेरे पास
तितली बोली " हट बदमास"
मैं तो चली वापस आकाश.
प्रसुतकर्ताः
स्तुति शर्मा

एक मुर्गा चश्मे दीदम


एक मुर्गा चश्मे दीदम
चलते चलते थक गया
लाओ चाकू काटो गर्दन
फिर भी वो चलने लगा
कलमकारःस्तुति शर्मा
(Grand-daughter of Shri R.P.Sharma)