जीवन के तट पर-मेरे मन की सइरा में सफ़र करते जब मेरे पाँव थक जाते हैं तब कलम का सहारा ले कर शबनमी सपने बुनने लगती हूँ. प्यास की आस बंध जाती है,
सफर बाकी कुछ और....
सिर्फ थोड़ा और.....
जीवन के तट पर-मेरे मन की सइरा में सफ़र करते जब मेरे पाँव थक जाते हैं तब कलम का सहारा ले कर शबनमी सपने बुनने लगती हूँ. प्यास की आस बंध जाती है,
सफर बाकी कुछ और....
सिर्फ थोड़ा और.....
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8/24/2011
My God Is so Great
This a the first song that my grandson Yash Nangrani is singing
sweet voice , really GOD IS GREAT
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