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2/17/2011

एक मुर्गा चश्मे दीदम


एक मुर्गा चश्मे दीदम
चलते चलते थक गया
लाओ चाकू काटो गर्दन
फिर भी वो चलने लगा
कलमकारःस्तुति शर्मा
(Grand-daughter of Shri R.P.Sharma)

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